ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय नवीन नगर एवं दिव्य शक्ति अखाड़ा सहारनपुर के संयुक्त तत्वावधान में “स्वर्णिम भारत के निर्माण में पत्रकारों की भूमिका” विषय पर गोष्ठी

उत्तरदायित्व
सहारनपुर। ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय नवीन नगर एवं दिव्य शक्ति अखाड़ा सहारनपुर के संयुक्त तत्वावधान में “स्वर्णिम भारत के निर्माण में पत्रकारों की भूमिका” विषय पर गोष्ठी, महर्षि नारद सम्मान एवं पत्रकार अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सकारात्मक सोच अपनाकर स्वर्णिम भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर पत्रकारों समेत उपस्थित सभी भाइयों को रक्षाबंधन सूत्र बांधे गए।
कार्यक्रम में राजयोगी तपस्वी ब्रह्माकुमार हरि भाई भानुशाली ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि ब्रह्मा बाबा सदैव स्वयं में परिवर्तन पर जोर देते थे। यदि व्यक्ति अपने अवगुणों को दूर कर नकारात्मक सोच का त्याग करते हुए सकारात्मक विचारों को अपनाए और उनका प्रकाश पूरे विश्व में फैलाए, तभी भारत को स्वर्णिम भारत बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस सकारात्मक संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पत्रकार समाचार पत्र, टीवी, यूट्यूब और अन्य माध्यमों से समाज में सकारात्मक विचारों का प्रचार-प्रसार कर सकते हैं।
दिव्य शक्ति अखाड़े के संचालक आचार्य महामंडलेश्वर संतकमल किशोर ने पत्रकारों को समाज की रीढ़ बताते हुए कहा कि पत्रकार समाज का आईना होते हैं। जनता पत्रकारों की बात पर विश्वास करती है और पत्रकारों की कलम से अनेक क्रांतियों ने जन्म लिया है। उन्होंने कहा कि नकारात्मक सोच से हटकर सकारात्मक क्रांति की दिशा में पत्रकार कार्य करें तो समाज के उत्थान में उनकी भूमिका और अधिक प्रभावी हो सकती है।
ब्रह्माकुमारीज सहारनपुर क्षेत्र की संचालिका रानी बहन ने सभी को केंद्र पर आने का निमंत्रण देते हुए बताया कि ब्रह्माकुमारीज की पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी प्रकाशमणि के स्मृति दिवस के अवसर पर देशभर में रक्तदान कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज में प्रेम, भाईचारे और सकारात्मकता का संदेश पहुंचाना संस्था का प्रमुख उद्देश्य है।
कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों को रक्षाबंधन सूत्र बांधे गए तथा उन्हें सौगात स्वरूप भेंट प्रदान करने के साथ ब्रह्माभोजन भी कराया गया। कार्यक्रम का संचालन शक्ति दीदी ने किया। इस अवसर पर सुरेश निंजावान मनीषा गुरु माता अनीता प्रवेश धवन साहित्यकार रमेश चंद छबीला समेत सहित मौजूद रहे

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